मोदी जी के नाम कुछ बातें

1.अहंकारा सो मारा
2.नया नौ दिन पुराना सौ दिन 
3.काठ की हांडी एक बार ही चढती है 
4. जो गढ़ जाते हैं वह बरसते नही

* अहंकारा सौ मारा *

आज जब पांच राज्यों के चुनाव नतीजे आये तो उपरोक्त लिखे हुए मुहावरे सच साबित हो गए।
मोदी जी जब से बीजेपी के प्रचार्क नेता बने थे। तब से ही इन्होंने सभी रैलियों में झुंड में झुठ बोलने लगे उस समय जनता को भी उनके द्वारा बोला गया झुठ सच लगता था। यहाँ तक कि देश आजाद होने के बाद ऐसा लगता था कि यह ही आदमी ऐसा है जो देश का भला कर सकता है। लेकिन साढे चार साल में ही जनता को पता चल गया कि यह तो एक मदारी के सिवा कुछ भी नहीं है। सब से बड़ा जुमलेबाज. झूठा. लम्बी लम्बी डीगे हांकने वाला गप्पी और विदेशों में घूमने वाला घुमक्कड़ ही निकला। जनता को इसके लच्छेदार भाषण ओर 56 इंच के सिने पर पुरा विश्वास हो गया था कि यही प्रधान मंत्री होना चाहिए। लोगों ने इसकी चिकन चुपटी बातो में आकर भारी बहुमत से इसको संसद में भेजा।

*नया नौ दिन पुराना सौ दिन*

उस समय मोदी जी यह बोलते थे कि मुझे एक बार मौका दे दो मै प्रधान मंत्री नहीं प्रधान सेवक बन के देश की सेवा करूगा। जनता ने विश्वास किया क्योंकि हमारे देश की जनता बदलाव चाहती थी। लेकिन जैसे ही मोदी जी प्रधान मंत्री बने तो इन्होंने अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए। गऊ हत्या या गऊ रक्षा के नाम पर देश में दंगे होने शुरू हो गए। उसके बाद इन्होंने कब्रिस्तान ओर श्मशान पर बोलना शुरू कर दिया यह सत्ता के नशे में इतना चुर हुए कि विदेशों में घूमने निकल पड़े। धोती कुर्ता, पायजामा कुर्ता भूल गए और करोड़ों के अच्छे अच्छे सूट बुट पहनने लगे। दोस्तों मुझे यह बताओ कि जिस घर का चौकीदार मालिक से कीमती पोशाक पहन कर दिन रात मालिक के गेट को छोड़ कर बाहर धूमता रहे क्या मालिक उसको कभी नौकरी पर रखेगा?

लेकिन हमारे प्रधान सेवक जी साढ़े चार साल विदेशों में ही धूमते रहे वह भारत में तभी आए जब या तो किसी राज्य में चुनाव हो। या संसद सत्र में हाजिर होना हो। मोदी जी केवल बीजेपी के ही प्रधान मंत्री दिखाई दिए, देश के नही। जब कहीं मध्य वर्ती चुनाव हुए। सिर्फ उसमें B. J. P को जिताने का और जनता को बेवकूफ़ बनाने का ही काम किया।

आज 11-12-2018 को पांच राज्यों राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव में जनता ने ऐसा परिणाम दिया कि अगर अगर बीजेपी और मोदी जी में इतनी भी सुझ बुझ होगी तो एक बार अपनी हार का कारण जरूर खोजेंगे। शीशा देखने के लायक भी पार्टी नहीं रही। क्योकि इन के नेता प्रधान सेवक जी अगर शीशे के आगे खड़े होकर अपना चेहरा देखने की कोशिश भी करेंगे तो राहुल गांधी जी का ही चेहरा इनको नजर आता रहेगा। 56 इंच की छाती भी अब इनको 56 इंच यानी साढ़े पाँच इंच की ही दिखाई देगी।

अंत=) मेरी इन बीजेपी और मोदी जी से यही अपील ह की कभी भी एक जाति के होकर चुनाव नहीं जिते जा सकते। इसके लिए आप को सैकुलर होकर रहना पडेगा। दलितों, मुस्लिमों, कम गिनती वाले लोगों और सभी जातियों को साथ लेकर ही देश चलाया जा सकता है हिन्दुवाद से ही नहीं देश चल सकता। देश सभी का है किसी एक जाति विशेष का नहीं है अब कि बार यह नारा लेकर देश की जनता के बीच जाना " सबका साथ सबका सम्मान" काग्रेस मुक्त भारत न कभी हुआ था न कभी होगा।

अब तो रैलियों में यही नारा लगेगा कि " भगवा भगाओ देश बचाओ। 

                                     जय हिन्द 


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