बरगाडी मोर्चे पर अपनी राय

एक जून  2018 को बरगाडी की आवाज मंडी में गुरु प्यारी सगंत ने अपने गुरु श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी और बहिबल कलां गोली कांड के दोषियों को सजा दिलाने के लिए मोर्चा लगाया था। संगत अपने घर के सारे काम छोड़ कर बारी-बारी शांत तरीके से मोर्चे में आती रही। पूरी शांति तरीके से इन्साफ की आस लेकर यह मोर्चा लगभग छह महीने तक चलता रहा। लेकिन 9 दिसम्बर 2018 को यह कह कर मोर्चा उठा दिया गया कि सरकार के दो मंत्री आऐ थे। और आश्वासन देकर गए हैं कि आप की मांगें मान ली गई है। मोर्चा खत्म कर दिया गया।

गुरु प्यारी सगंत जी स में यह सवाल पूछना चाहता हूं कि आज तक किसी सरकार ने जनता से किया हुआ वादा पूरा किया है। या यह कह लो कि अगर कोई वादा पूरा भी किया हो तो वह कोर्ट में चला गया। और जनता आज तक उन फैसलों का इन्तजार कर रही है। सत्कार योग जत्थेदार श्री घ्यान सिंह मंड जी यह कह रहे हैं कि मोर्चा बंद नहीं हुआ उसका पड़ाव बदला है। दुबारा फिर भी मोर्चा लगाया जा सकता है। मैं जत्थेदार साहिब से यह पूछना चाहता हूं कि क्या यह मोर्चा चुनाव के कारण तो नहीं उठाया गया। क्यो कि सरकार ओर सियासत दान भी सोचते हैं कि यह मोर्चा चलता रहा तो हम क्या मुंह लेकर जनता के बीच वोट मांगने जाएगें।


साध संगत जी =) इस सियासती नेताओं कि जमीर मर चुकी है इनके लिए कौम की आस्था गुरु के प्रति श्रद्धा सब मर चुकी है। यह अपने कुर्सी ओर मंत्री पद के लालच में किसी के साथ भी खिलवाड़ कर सकते हैं। इनके अंदर थोड़ी सी भी शर्म या गुरु जी के लिए श्रद्धा होती तो यह अपने मंत्री पद छोड़ कर अपने अहुदे को लात मार कर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के चरणों में आकर बैठते ओर मोर्चे में आकर खडे होते।

साध संगत जी इनको सिर्फ़ अपना कारोबार अपनी शोहरत और मंत्री पद ही प्यारा है। गुरु जी को भी दावं पर लगाने वाले लोग ही है।


मैं किसी पार्टी विशेष की बात नहीं करता ऐसे धटीया लोग हर पार्टी में बेठै है। इन से कोई आस नहीं रखना की यह अपने किए हुऐ वादे को पूरा करेंगे। गुरु महाराज श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी पर भरोसा रखें। वह आप ही अपनी बेअदबी का बदला ले लेगे। लेकिन हमारे अंदर सहनशीलता नहीं है विश्वास बनाए रखो मालिक आप आकर इनका राक्षस वाद खत्म कर देगा।

साध संगत जी=) मैं बडे दुखी हिरदे के साथ कह रहा हूँ कि यह मोर्चा भी सियासत के हाथ चड गया। क्योंकि चुनाव तक तो किसी नेता के पास या किसी पार्टी के पास इतना समय नहीं होगा कि वह सब काम छोड़ कर मोर्चे में किए गए वादे पूरे कर दे। चुनाव के बाद यही लोग मोर्चे के अन्दर कुछ लोगों के साथ अपना तालमेल बढा कर मोर्चे से अलग कर लेगे। हर कौम के अन्दर गद्दार ओर बिकाऊ लोग होते हैं। वह सरकार की कठपुतली बन कर नाचेंगे। इतिहास पढ कर देख लो ऐसे गद्दारो के कारण ही कौम हारती रही है। मगर यह इतिहास भी देख लो कि गद्दारो का बाद मे   क्या हाल हुआ उनका नामो निशान भी इस दुनिया में नहीं रहा। मेरे गुरु महाराज आगे यही अरदास है कि गुरु महाराज की बेअदबी का बदला ओर बहिवल कलां कांड के दोषियों को सजा सच्चे, पातशाह आप दिलाए। साध संगत जी कोई नेता या मंत्री, पार्टी या जत्थेबदीया इस लडाई को नहीं लड सकती क्योंकि अकेला कोई नहीं जीत सकता यह मसला सब का है। और सभी मिलकर इस लडाई को लडे ओर गुरु महाराज की सच्ची सेवा के भागीदार बने।

अंत=) मेरी संगत से यही अपील है कि सरकार पार्टीया ओर इनके दलालों से हमेशा बच कर रहे। क्योकि यह मसले बिगाड़ सकते हैं। संवाद या हल नहीं कर सकते। कुछ लोग कौम के अन्दर भी है जो बिकाऊ माल या पैसे के लालची है कौम इनको भी पहचाने ओर कौम से बाहर करें।

इतना सब लिखते हुए साध संगत जी कोई भूल हो गई हो तो माफ करें। क्योंकि गुरु जी के प्यार संदका भावना में बह कर लिख गया। 
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